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Showing posts from September, 2025

क्या अंडकोष का नीचे न आना बांझपन का संकेत है?

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  क्या अंडकोष का नीचे न आना बांझपन का संकेत है ? अंडकोष का नीचे न आना , जिसे क्रिप्टोर्चिडिज्म (cryptorchidism) भी कहते हैं , एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे के जन्म के समय एक या दोनों अंडकोष अंडकोश की थैली (scrotum) में नहीं होते। यह एक आम जन्मजात समस्या है , जो आमतौर पर समय से पहले पैदा हुए बच्चों में ज्यादा देखी जाती है। अंडकोष का नीचे न आना और प्रजनन क्षमता का संबं ध यह सच है कि अंडकोष का नीचे न आना बांझपन का कारण बन सकता है , खासकर यदि इसका इलाज न किया जाए। अंडकोष शुक्राणु (sperm) के उत्पादन के लिए शरीर के तापमान से थोड़े कम तापमान पर काम करते हैं। जब अंडकोष पेट के अंदर या जांघों के पास रहते हैं , तो वे शरीर के उच्च तापमान के संपर्क में आते हैं , जिससे शुक्राणु का उत्पादन प्रभावित होता है। ·         एक अंडकोष का नीचे न आना : यदि केवल एक अंडकोष अंडकोश की थैली में नहीं आता है , तो भी प्रजनन क...

क्या अंडकोष का उतरना बांझपन का संकेत है?

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  गुप्तवृषणता   और   बांझपन :  एक   गहरा   संबंध अंडकोष का नीचे न उतरना , जिसे चिकित्सकीय भाषा में गुप्तवृषणता (Cryptorchidism) कहा जाता है , एक ऐसी स्थिति है जो पुरुषों में बांझपन के जोखिम को काफी बढ़ा देती है। हालांकि यह ज़रूरी नहीं है कि हर उस व्यक्ति को बांझपन का सामना करना पड़े जिसका बचपन में इस स्थिति का इलाज हुआ हो , लेकिन यह संबंध वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है , खासकर उन मामलों में जहां दोनों अंडकोष प्रभावित होते हैं। इस स्थिति और बांझपन के बीच का सीधा संबंध तापमान से जुड़ा है। अंडकोष को स्वस्थ और कार्यात्मक शुक्राणुओं का उत्पादन करने के लिए शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में 2-3 डिग्री सेल्सियस कम तापमान की आवश्यकता होती है। जब वे पेट या कमर जैसे गर्म वातावरण में रह जाते हैं , तो यह उच्च तापमान शुक्राणु - उत्पादन करने वाली कोशिकाओं ( स्पर्मेटोगोनिया ) के विकास को गंभीर रूप से बाधित करता है , जिससे उनकी संख्या...