ओवेरियन रिज़र्व क्या है?

 


ओवेरियन रिज़र्व (Ovarian Reserve) क्या है?

ओवेरियन रिज़र्व (Ovarian Reserve) प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive Health) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शब्द है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जो गर्भधारण की योजना बना रही हैं

सरल शब्दों में, ओवेरियन रिज़र्व का अर्थ है एक महिला के अंडाशय (ovaries) में मौजूद अंडों की कुल संख्या और उनकी गुणवत्ता। एक महिला अपने जीवन के सभी अंडों के साथ ही पैदा होती है। उम्र के साथ, इन अंडों की संख्या और क्वालिटी दोनों प्राकृतिक रूप से कम होने लगती हैं। ओवेरियन रिज़र्व यह बताता है कि किसी विशेष समय पर महिला की प्रजनन क्षमता (Fertility potential) कितनी है।


कम ओवेरियन रिज़र्व (DOR) के क्या कारण हैं?

अंडों की कमी का सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र है (विशेषकर 35 वर्ष के बाद) हालांकि, अन्य कारण भी हो सकते हैं:

·        आनुवंशिक कारक (Genetic factors)

·        एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारियां।

·        ओवेरियन सर्जरी।

·        धूम्रपान और खराब जीवनशैली।

·        कीमोथेरेपी या रेडिएशन।


ओवेरियन रिज़र्व की जांच कैसे की जाती है?

इसकी जांच के लिए डॉक्टर मुख्य रूप से दो टेस्ट करवाते हैं:

·        AMH टेस्ट (Anti-Müllerian Hormone): यह एक ब्लड टेस्ट है जो अंडों की संख्या का संकेत देता है।

·        AFC (Antral Follicle Count): यह एक अल्ट्रासाउंड स्कैन है जिसमें डॉक्टर सक्रिय फॉलिकल्स की गिनती करते हैं।

·        FSH टेस्ट: पीरियड्स के दूसरे या तीसरे दिन किया जाने वाला हार्मोन टेस्ट।


क्या ओवेरियन रिज़र्व कम होने का मतलब है कि मैं गर्भवती नहीं हो सकती?

बिल्कुल नहीं। कम ओवेरियन रिज़र्व का मतलब यह है कि गर्भधारण करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। गुणवत्ता (Quality) संख्या (Quantity) से अधिक महत्वपूर्ण होती है। कम रिज़र्व वाली कई महिलाएं प्राकृतिक रूप से या IVF की मदद से स्वस्थ बच्चों को जन्म देती हैं।


क्या हम अंडों की संख्या बढ़ा सकते हैं?

नहीं, चिकित्सा विज्ञान के अनुसार हम अंडों की संख्या को वापस नहीं बढ़ा सकते क्योंकि वे सीमित होते हैं। हालांकि, हम स्वस्थ आहार, व्यायाम, और एंटीऑक्सीडेंट्स की मदद से मौजूदा अंडों की गुणवत्ता (Quality) में सुधार कर सकते हैं।

ओवेरियन रिज़र्व कम होने के लक्षण क्या हैं?

अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ संकेत मिल सकते हैं:

·        पीरियड्स चक्र का छोटा होना (जैसे 28 दिन के बजाय 21-24 दिन)

·        गर्भधारण करने में कठिनाई होना।

·        समय से पहले मेनोपॉज के लक्षण।

For more information visit us ;

Website : www.pcodclinic.com

Website Blog : Blog Archives - PCOD Clinics

Subscriber: https://www.youtube.com/@pcodclinics

 

Comments

Popular posts from this blog

क्या अंडकोष में दर्द, सूजन या गांठ बांझपन का संकेत हो सकते हैं?

क्या फर्टिलिटी की जाँच के लिए हार्मोन के ब्लड टेस्ट घर पर किए जा सकते हैं? (जैसे: प्रोजेस्टेरोन, AMH)

क्या पहले गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने से फर्टिलिटी पर असर पड़ता है?